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अपच और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से परेशान हैं, तो अपने आहार में शामिल करें पपीता, यहां हैं इसके सेहत लाà¤
मसालेदार और ऑयली फूड अकà¥à¤¸à¤° आपके लिठà¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ और अपच का कारण बन सकता है। इससे जलन, खटà¥à¤Ÿà¥‡ डकार, उलटी जैसी परेशनियां होती है। लेकिन आपको राहत देने के लिठपपीता यहां है।
à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ लगà¤à¤— सà¤à¥€ को होती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मसालेदार या तला हà¥à¤† खाना जितना सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ होता है, पेट के लिठउतना ही हानिकारक। इसके बाद खटà¥à¤Ÿà¥‡ डकार, उलटी, जलन की समसà¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। इससे राहत पाने के लिठकई दवाईयां और घरेलू उपचार किठजाते हैं। पर कà¥à¤¯à¤¾ आप जानती हैं कि अपनी डाइट में सिरà¥à¤« पपीता शामिल कर लेने से आप इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बच सकती हैं। आइठजानते हैं पपीते के सेवन से होने वाले सेहत लाठके बारे में।Â
पहले जानते हैं à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ का कारणÂ
मैकà¥à¤¸ सà¥à¤ªà¤° सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² की आहार विशेषजà¥à¤ž डॉ दिवà¥à¤¯à¤¾ चौधरी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, “à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ का सबसे पहला और पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण तनाव है। शहरों में मलà¥à¤Ÿà¥€-टासà¥à¤•िंग की मांग रहती है, जो अकà¥à¤¸à¤° तनाव के सà¥à¤¤à¤° को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है। फिर यह लगातार बढ़ने लगता है। अनियमित अंतराल पर à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ होता है।Â
kamzor paachan aur galat khaan- paan hai acidity ka kaaran
कमजोर पाचन और गलत खान-पान है à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ का कारण।
हम काम में उलà¤à¥‡ रहने के कारण अधिक समय तक à¤à¥‹à¤œà¤¨ से दूर रहते हैं और जब खाते हैं, तो हम आवशà¥à¤¯à¤•ता से अधिक खा लेते है। सही मायने में हमें नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना चाहिà¤à¥¤ मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ का कारण होता है।â€
इसके अलावा à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ होने के बहà¥à¤¤ सारे कारण हैं जिनमें ये पà¥à¤°à¤®à¥à¤– हैं-
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद न लेने से à¤à¥€ हाइपर à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
लमà¥à¤¬à¥‡ समय से पेनकिलर जैसी दवाओं का सेवन करने से।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है।
शराब और कैफीन यà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ का अधिक सेवन।
अब जानिठकि कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आपके लिठखास हो सकता है पपीताÂ
पोषण से à¤à¤°à¤ªà¥‚र पपीता कई बीमारियों से लड़ने में कारगर है। पाचन या à¤à¥‚ख न लगने की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहे लोगों को हम पपीता खाने की सलाह देंगे। इसमें विटामिन ठ(vitamin A) , विटामिन सी (vitamin C) जैसे ततà¥à¤µ हैं, जो आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ और सेहत के लिठफायदेमंद हैं।Â
नियासिन (niacin), मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® (magnesium), कैरोटीन (keratin) जैसे पोषक ततà¥à¤µ आपके बालों को मजबूत और खूबसूरत बनाते हैं।Â
कई गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र है पपीता।
साथ ही यह फाइबर (fibre), फोलेट (folate), पोटेशियम (potassium), कॉपर (copper), कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® (calcium) से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, जो आपके पाचन को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखता है और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से राहत देता है।Â
इसमें कई तरह के à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ (antioxidants) à¤à¥€ होते हैं, जो आपके वजन को नियंतà¥à¤°à¤£ में रखते हैं। पपीता में कà¥à¤› मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (protein) और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ (carbohydrate) à¤à¥€ होता हैं। यह आपको à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• रहने में मदद करता है।Â
à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से लड़ता है पपीताÂ
पपीता खाने से पेट के सà¤à¥€ विकार दूर होते हैं। इसमें पेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ (packtin) नामक ततà¥à¤µ होता है, जो पेट के लिठफायदेमंद होता है। यह पेट में मौजूद हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखता है जिससे à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ का जोखिम कम रहता है। पपीता के नियमित सेवन करने से आपको कà¤à¥€ à¤à¥€ कबà¥à¤œ, à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ या उससे जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होगी।Â
पपीता के बीज में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं, जो à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से राहत देते है।
कैसे करें सेवन?Â
आप पपीता को किसी à¤à¥€ तरह अपनी डाइट में à¤à¤¡ करे , यह आपके लिठफायदेमंद ही होगा। पके हà¥à¤ पपीते को सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट खाà¤à¤‚। यह आपके पेट में रात à¤à¤° जमे à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ कर आपको à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ से राहत देगा। साथ ही कचà¥à¤šà¥‡ पपीते की सबà¥à¤œà¥€ à¤à¥€ à¤à¤• बेहतर विकलà¥à¤ª है।Â
पपीते का बीज पाचन तंतà¥à¤° को सही रखने में मददगार होता है। बीज में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं, जो कि आपके पाचन तंतà¥à¤° को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रखने में मदद करता है। साथ ही यह पेट संबंधी तमाम बीमारियों को दूर करता है। इसके लिठसबसे पहले आप पपीते के बीज को सà¥à¤–ा लें। अब इसे मिकà¥à¤¸à¥€ में पीस लें। अब इस पाउडर को रोजाना गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी के साथ सेवन करें।Â
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